*आवराडबरी / भीमखोज / महासमुंद।* एकल अभियान, अंचल महासमुंद, संच भीमखोज के तत्वावधान में ग्राम पंचायत भवन, ग्राम आवराडबरी / भीमखोज में 23 सितंबर को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण जनसमुदाय को आयुर्वेद, प्राकृतिक जीवनशैली एवं स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करना रहा।
*कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सनातन योग वेलनेस फाउंडेशन के निदेशक एवं एकल अभियान के आरोग्य प्रमुख श्री आर्य प्रकाश चंद्राकर जी उपस्थित रहे।* उन्होंने आयुर्वेद के महत्व, प्राकृतिक उपचार पद्धति एवं स्वस्थ जीवनशैली पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि 5000 वर्ष पुराना जीवन का विज्ञान है जो मन, शरीर और आत्मा में संतुलन सिखाता है।
*23 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है आयुर्वेद दिवस?*
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2016 को पहली बार धन्वंतरि जयंती पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने की घोषणा की थी। लेकिन हिंदू पंचांग के कारण तिथि हर साल बदलने से वैश्विक स्तर पर आयोजन में कठिनाई होती थी। इसलिए सरकार ने 23 मार्च 2025 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर हर साल 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस की स्थायी तिथि घोषित की। 23 सितंबर शरद विषुव का दिन है जो प्रकृति में संतुलन का प्रतीक है।
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही –
श्री मुकुंद निषाद जी – सरपंच प्रतिनिधि, श्री ओमप्रकाश यादव जी – पूर्व सरपंच, श्री नंदकुमार निषाद जी – संच अध्यक्ष, श्री पुरन सबर जी – संच उपाध्यक्ष, श्री सुरेंद्र ध्रुव जी – भाग गतिविधि प्रमुख, श्री सालिक राम साहू जी – अंचल गतिविधि प्रमुख महासमुंद, श्री राधेश्याम दीवान जी – संच प्रशिक्षक कोमाखान, श्री मदनलाल साहू जी – संच प्रशिक्षक भुरकोनी, श्री योगेश चक्रधारी जी – संच प्रशिक्षक बागबाहरा, श्री दयालाल मरई जी – संच प्रशिक्षक भीमखोज, श्रीमती देवकी साहू जी – आचार्या संच भीमखोज सहित ग्राम समिति सदस्य व ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का आभार व्यक्त किया गया।
Author: News Bharat Live
a



