
धर्म जागरण खंड बागबाहरा के तत्वावधान में आदिवासी वनांचल ग्राम जोरातराई (कमार डेरा पारा) में शनिवार को परम पूज्य स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती जी का शहादत दिवस श्रद्धा एवं भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर उनके तैलचित्र पर चंदन-वंदन कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आर्य प्रकाश चंद्राकर जी, पप्पू संवारा (सामाजिक कार्यकर्ता), हीरा साहू (सामाजिक कार्यकर्ता) एवं पुरन सबर (संयोजक, धर्म जागरण खंड बागबाहरा) ने स्वामी जी के जीवन व कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी समाज में शिक्षा, सेवा और संस्कार की अलख जगाई। धर्मांतरण और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उनके अभियान ने जनजातीय समाज को आत्मगौरव और संगठन की नई दिशा प्रदान की।
ग्रामवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिनमें सोनाउ कामार, बुधसिंह कामार, अगर सिंह कामार, अर्जुन कमार, खलहरिन बाई, अशोक कमार सहित क्षेत्र की मातृशक्ति व बुजुर्ग सियान शामिल थीं।
गौरतलब है कि स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती जी का जन्म वर्ष 1927 में ओडिशा के पारलाखेमुंडी क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने वनवासी क्षेत्रों में विद्यालय और छात्रावास स्थापित कर हजारों बच्चों को शिक्षा प्रदान की। 23 अगस्त 2008 को कंधमाल (ओडिशा) में उनकी नृशंस हत्या कर दी गई थी। उनका जीवन और बलिदान आज भी समाज को प्रेरणा देता है।
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Author: News Bharat Live
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