नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सोमवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री का कार्यकाल 14 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया. कार्मिक मंत्रालय ने एक आदेश में यह जानकारी दी. मिस्री 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी हैं. उन्होंने 15 जुलाई को भारत के विदेश सचिव का पद संभाला था.
जम्मू-कश्मीर में पैदा हुए विक्रम मिस्री ने विदेश मंत्रालय में अवर सचिव से लेकर निदेशक तक की जिम्मेदारी संभाली है और फिलहाल विदेश सचिव हैं. इसी से उनके अनुभवों का अंदाजा लगाया जा सकता है. यही वजह है पड़ोसी देशों खासकर चीन-पाकिस्तान के साथ भारत के उतार-चढ़ाव वाले रिश्तों को उन्होंने ना सिर्फ बेहद करीब से देखा है, बल्कि विवादों को सुलझाने में अहम भूमिका भी निभाई है, इसीलिए विक्रम मिस्री को विदेश मंत्री एस जयशंकर का ‘हनुमान’ भी कहा जाता है.
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने देश के लिए कई जरूरी मिशनों में अहम रोल निभाया है, जिसमें पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में साल 2020 में चीन की सेना के साथ भारतीय सेना की झड़प को सुलझाने का मुद्दा भी शामिल है. दोनों देशों के रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए कई दौर की वार्ता हुई, जिसमें खुद विक्रम मिस्री ने भी हिस्सा लिया था. केंद्र सरकार ने विक्रम मिस्री को 2018 में चीन में भारत का राजदूत भी नियुक्त किया था. यही वजह है कि उन्हें चीन से जुड़े के मामलों का जानकार भी बताया जाता है.
आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने विदेश सचिव के रूप में मिस्री के कार्यकाल को 30 नवंबर को उनकी रिटायरमेंट की तारीख से आगे 14 जुलाई 2026 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, एफआर 56 (डी) के प्रावधानों के अनुसार बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. अधिकारियों ने बताया कि प्रावधान जनहित में विदेश सचिव की रिटायरमेंट की तारीख के बाद भी सेवा विस्तार की अनुमति देते हैं.
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FIRST PUBLISHED : November 11, 2024, 23:50 IST
Author: News Bharat Live
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